धुप मैं स्वस्त और सुरक्षित कैसे रहे ?
धुप मैं स्वस्त और सुरक्षित कैसे रहे ?
हम दुनिया मैं कही भी रहते हो,सूरज की गर्मी मैं आराम करने और प्रकृति का आनंद लेने का सरल सुख हम मैं से कोई लोगो के लिए एक खुसी है . सूर्य का प्रकाश कई स्वस्त लाभ प्रदान करता है,यह विटामिन डी के उदपा दन मैं महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है,जो स्वस्त हड्डियों,मजबूत प्रतिरक्ष्य प्रणाली और सकरात्मक मानशिक स्वस्त के लिए आबश्यक है .
हलाकि धुप के फाईदो को प्राप्त करने और सम्भाबित खतरों मैं खुद को बचाने के बिच संतुलन बनाये रखना महत्वपूर्ण है. सूर्य की हानिकारक पाराबेंगनि ,किरणों की अत्यधिक संपर्क मैं आने से त्वचा को नुकसान ,समय से पहले बुढ़ापा , और त्वचा कैंसर का खतरा बढ़ सकता है . धुप मैं सुरक्षित और आनंद दायक अनुभब के लिए अपनी त्वचा की सुरक्ष्य और गर्मी से सम्बंधित बीमारियो के बचाब के तरीके समझना आबश्यक है .
हम सूर्य के प्रकाश के स्वास्त्य लाभों ,अत्यधिक धुप मे रहने से जुड़े सम्भाबित जोखिमों और धुप मैं सुरक्षित और स्वास्त्य रहने के ब्यबहारिक सुझाबो पर चर्चा करेंगे । चाहे आप समुद्र तट पर घूमने की योजना बना रहे हो ,बाहरी गति बिधियों मैं भाग ले रहे हो या बस आराम , से टहल रहे हो , ये लेख आपको धुप से सुरक्ष्या के बारे मैं सोच समझकर निर्णय लेने के लिए आबश्यक ज्ञान और राणनीतियां प्रदान करेगा ।
धुप मैं रहने के स्वस्त लाभ
धुप मैं समय बिताने से कई स्वस्त लाभ मिलते है . यह बिटामिन डी के उद्दपादन को उत्तेजित करता है ,जो हमारे समग्र स्वस्त को बनाये रखने मैं महत्वा पूर्ण भूमिका निभाता है . बिटामिन डी कई शारीरिक कार्यों के लिए आबश्यक है , जिस मैं हड्डियों के स्वस्त को सहारा देना और सूजन से बचाब करना शामिल है .
बूपा यूकेआई के मेडिकल डायरेक्टर डॉक्टर नबीन पूरी के अनुशार , बिटामिन डी हमारे स्वस्त के लिए अत्यंत महत्वा पूर्ण है . क्यूंकि यह हमारे सरीर को क्याल्सियम अबसोसित करने और हड्डियों को मजबूत और स्वास्त्य बनाये रखने मैं मदत करता है . यह हमारी प्रति रक्ष्य प्रणाली को मजबूत बनाने मैं भी महत्वा पूर्ण भूमिका निभाता है,जिस से बिभिन्न बिमारियों और संक्रमणों से बचाब होता है .
शोध कर्ताओं ने ऐसे अध्ययन किये है जो विटामिन डी के उद्दपादन के अलावा सूर्य के प्रकाश के सम्भाबित स्वास्त्य लाभों को ऊजागर करते है . उदहारण के लिए,सूर्य के प्रकाश के संपर्क को रक्त चाप के स्तर मैं कमी से जोड़ा गया है . जिसे हृदय सम्बन्धियों बिमारियों से होने बलि मृत्यु दर मैं कमी होती है . अतिरिक्त शोध से पता चलता है की प्रयाप्त मात्रा मैं सूर्य के प्रकश के संपर्क मैं आने से कुछ बिमारियों से सुरक्ष्य मिल सकती है . जिन मैं टाइप उआन मधु मेह ,मल्टीपल स्केलेरोसिस (एम एस),साथ ही बिविन्न प्रकार के कैंसर जैसे के कोलन , स्थन और प्रोटेस्ट कैंसर , और नॉन हाज किन लिम्फोमा शामिल है .
इसके अलावा , सूर्य के प्रकाश और भबानात्मक स्वस्त के बिच एक सम्बन्ध है , डॉक्टर नबीन बताते है , सूर्य के प्रकास के संपर्क मैं , आने से सेरोटोनिन नमक न्यूरो ट्रांसमीटर निकलर्ता है , जिसे खुसी का हार्मोन,कहा जाता है
यह मनोदसा को नियंत्रित करने और खुशाली की भाबना को बढ़ाबा देने मैं महत्वा पूर्ण भूमिका निभाता है . इसका हमारे मानसिक स्वस्त पर सकारात्मक प्रभाब पड सकता है, जिसे मौसमी भबानात्मक संतुलन को बेहतर बनाने मैं मदत मिलती है .
मानसिक स्वस्त पर इसके प्रभाब के अलावा,धुप मैं समय बिताने से नींद के पैटर्न मैं भी सुधर होता है। डॉक्टर नबीन बताते है ,सूर्य की रौशनी हमारे सरीर की आतंरिक घडी , जिसे सरके डीयन रिदम कहा जाता है . जो हमारे सोने - जागने के चक्र को नियंत्रित करता है . दिन के दौरान बिसेस रूप से जागने के समय या उसके तुरंत बाद , प्राकृतिक प्रकाश के संपर्क मैं आने से हम अपने सरकेडीयन रिदम को बेहतर बना सकते है ,जिसे रात मैं अधिक आराम दायक और ताजगी भरी नींद आती है .
अत्यधिक धुप मैं रहने के जोखिम
सूर्य की गर्मी और सुंदरता का आनंद लेते हुए ,अत्यधिक धुप मैं रहने से जुड़े सम्भाबित जोखिम के बारे मैं जागरूक रहना महत्वपूर्ण है . सूरज की अत्यधिक रौशनी से त्वचा को कई तरह से नुकसान हो सकता है , जिन मैं सनबॉर्न ,समय से पहले बुढ़ापा आना और त्वचा कैंसर का खतरा बढ़ना शामिल है . पारा बेंगानि , यूबी किरणे त्वचा मैं प्रबेश करती है और त्वचा की कोसीकाओं मैं डीएनए को नुकसान पहुंचा सकती है , जिसे उत परिबर्तन और सूर्य के साथ कैंसर कोसी काओं के बिकाश की सम्भाबना बढ़ जाती है . डॉक्टर नबीन बताते है . सूर्य से निकलनेबालि यूबीए और यूबीबी दोनों किरणों की त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती है और त्वचा कैंसर का कारन बन सकती । इन हानिकारक किरणों से अपनी त्वचा की सुरक्ष्य करना महत्व पूर्ण है .
डॉक्टर नबीन कहते है ,धुप मैं लम्बे समय तक और बिना सुरक्ष्य से रहने से त्वचा की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया तेज हो सकती है . जिसे झुर्रियां ,महीन रेखा ये और उम्र के धब्बे दिखाई देने लगते है,यूवी बिकिरण त्वचा मैं मजूद कोलेजन और इस्टालीन फाइबर को नस्ट कर देते है , जो त्वचा की लोच और युवा रूप बनाये रखने के लिए जिम्मेदार होते है .
सन बर्न क्या होता है ?
धुप मैं अधिक समय बिताने का एक आम परिणाम सन बर्न है , हलके रंग की त्वचा पर यह लाल दिखाई देती है , जब की गहरे और हलके दोनों प्रकार की त्वचा पर यह गर्म , खुजली दार और कभी - कभी दर्द नाक,फपोले दार त्वचा बन जाती है , सन बोर्न न केबल असुबिधा पैदा करता है बल्कि त्वचा की कोशिकाओं को हुए नुकसान का भी संकेत देता है .
धुप से सुरक्ष्या के लिए ब्यबहारिक सुझाब के लिए निचे दिए गए पॉइंट देखिए
१ . सुरक्ष्य -त्वचा के खुले हिस्सों पर उच्छ एसपिएफ बाला सनस क्रीम लगाए,ऐसा सनक्रींन चुने जो यूबीऐ और यूबीबी दोनों किरणों से सुरक्ष्य प्रदान करता है ,इसके अलावा,चेहरे गर्दन और कानो को धुप से बचाने के लिए छोटी किनारी बाला टोपी पहने , हानिकारक यूबी किरणों से आँखों की सुरक्ष्य के लिए धुप का चस्मा पहनना न भूले। हलके और हवादार कपडे पहने जो आपकी त्वचा को ढके ताकि सीधे धुप के सम्पर्क मैं आने से बचा जा सके .
२ . समय - दिन के सबसे गर्म समय से बचे ,जो आम तर पर सुबह १० बजे से शाम चार बजे के बिच होता है . यहाँ इस बात पर निर्भर करता है की आप दुनियां मैं कहा है , क्यों की इस समय सूर्य के किरणों सबसे तीब्र होता है , यदि सम्भब हो , तो अपनी बाहरी गति बिधियाँ को सुबह जल्द्दी या शाम के समय के लिए निर्धारित करे जब सूर्य की गर्मी कम हो , इससे सनबर्न और युवी बिकिरण के अत्यधिक संपर्क मैं आने का खतरा कम हो जाता है.
३ . छाब मैं रहे - छाब सीधी धुप से बचाब की एक अतिरिक्त परद प्रदान करती है , यदि छाब सीमिति हो ,तो छतरियों , चांदबा या धुप से बचाब के लिए आश्रय का उपयोग करके स्वांग छाब बनाये। इसे धुप मैं रहने का समय कम हो जाता है और सनबोर्न का खतरा भी कम हो जाता है .
४ . अपनी गति बिधिया को समझे - धुप मैं की जाने बलि गति बिधियाँ के प्रकार पर बिचार करे , यदि आप जल क्रीड़ा या अन्य गति बिधियों मैं भाग ले रहे है , तो जल-प्रति रोधी सनस्क्रीन चुने और निर्देषनुसार नियमित रूप से इसे न लगाए । यदि आप खेल या शारीरिक गति बिधियों मैं भाग ले रहे है ,तो सुनिश्चित करे की आपकी कपडे -चलने फिरने मैं सहज हो और धुप से पर्याप्त सुरक्ष्य प्रदान करे .
५ बादल छाये रहने या तेज हबा चलने बाले दिन - बादल छाये रहने या तेज हवा चलने से भ्रमित न हो। सूर्य की परा बेंगाणी , किरणे बादलो को भेद कर भी त्वचा को झुलसा सकती है . इसीलिए , धुप मैं न चमकने बाले दिनों मैं भी सनस्क्रीन लगाना और धुप से बचाब के उपाय करना जरुरी है .
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