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क्या होता है हकलाना ?

क्या होता है हकलाना ?  हकलाना एक बाक बिकार है जो बोलनव की लय और प्रबाहा को प्रभाबित करता है . यह बिकार बोलने के तरीके को बाधित करता है . जिसे अनचाही  ध्वनिअ ,बिराम या बोलने मैं अन्य समशया उत्पर्णा होती है .  हकलाने के कुछ अलग अलग प्रकार होते है   बिकासात्मक हकलाहट (बचपन मैं सुरु होने बाला हकलाने का बिकार ) यह एक तंत्रिका -बिकासात्मक बिकार है , जिसे अर्थ है की यह मस्तिक के अपेक्षित बिकाश से भिन्न  तरीके से बिकसित होने के कारन होता है. यह बिकार बचपन से ही सुरु हो जाता है .  लगातार हकलाना - यहा बिकासात्मक हकलाना है जो बयसकता तक जारी रहता है .  अर्जित हकलाहट - यह बह हकलाहट है जो मस्तिक को प्रभाबित करने बाली किसि बीमारी या चोट के कारन बिकसित होती है .  हकलाना एक बिसिस्ट प्रकार का प्रबाहा बिकार है . ये सभी बाक अबरोध की श्रेणी मैं आते है .  हकलाने से कोन  कोन  प्रभाबित होता है ? हकलाहट किसी को भी हो सकती है। लेकिन पुरुसो मैं इसके होने की सम्भाबना चार गुना अधिक होती है . उम्र भी आपके हकलाहट के प्रकार को प्रभाबित कर सकती है .  १ . बिकास...

OCD बीमारी क्या है ?

 OCD बीमारी क्या है ?  मरीजों का अपने बिचारो पर काबू नहीं होता,इलाज मैं परिबार का सपोर्ट जरुरी , ट्रम्प और माईकल जैकों भी इसके शिकार हुए थे .  एक्सपर्ट के मुताबिक , OCD का खुद ही इलाज करना मुश्किल होता है , डॉक्टर की सलाह लेना अच्छा तरीका ।  OCD इंसान की नार्मल लाइफ पर काफी असर डालती है प्रोडक्टिविटी और रिस्तो को प्रभाबित करती  है .  महामारी की सुरुवात के साथ ही हेल्थ एजेंसी  और सरकार संक्रमण से बचने के लिए लोगो को हाथ धोने और सफाई रखने की सलाह दे रही है. अब बे लोग भी किसी भी  चीज छूने या किसी से मिलने के तुरंत बाद हैंड वाश खोजने लगे है . जो पहले सिर्फ खाने की समय हाथ धोते थे.  यह कोरोना के समय मैं नार्मल है . क्यूंकि वैक्सीन नहीं आने तक आप ऐसा कर खुद को काफी हद तक बचा सकते है . लेकिन , कुछ लोग ऐसे भी है जिनके लिए बार बार हाथ धोना या सफाई बनाये रखने के लिए एक ही चीज को कई बार दोहराना नया नहीं है. ये लोग ऑब्सेसिव काम्पलसीव डिसअर्डर (OCD) की बजह से बार बार हाथ धोते है.  क्या है ऑब्सेसिव कमपलसीव डिसआर्डर ? OCD बीमारी मैं दो कॉम्पोनेन्ट हो...

पेरो मैं खुजली क्यों होता है ? और खुजली होने के निम्न लिखित कारण क्या है ?

 पेरो मैं खुजली क्यों होता है ? और खुजली होने के निम्न लिखित कारण क्या है ?   त्वचा पर खुजली होने पर उसे खुजलाना एक सामान्य और स्वभाबिक प्रतिक्रिया है . यह आपके सरीर का आपको यह बताने का तरीका है की आपको कोई चीज़ परेशान  कर रही है.  खुजली के लिए चिकिसकिय सब्द  प्रूरिटस है. हलकी प्रूरिटस एक सामान्य लक्ष्यन है जो सरीर के किसी भी हिस्सों मैं हो सकता है . लेकिन पैर बिसेस रूप से खुजली के प्रति सम्बेदनसील हो सकते है .  त्वचा मैं खुजली होना आम  तर पर कोई बड़ी बात नहीं है , लेकिन कभी - कभी यह किसी गंभीर समस्या का लक्ष्यन हो सकता है . पेरो मैं खुजली के सम्भाबित कारने और कुछ उपायों के बारे मैं अधिक जानने के लिए आगे बढे .  पेरो मैं खुजली के नो सम्भाबित कारन   सुस्क त्वचा - रूखी त्वचा एक आम समस्या है. लम्बे समय तक गर्म पानी से नहाना,कठोर साबुन का इस्तेमाल,कुछ त्वचा सम्बन्धी समस्याएं और अनूपयुक्त जूते  रूखी त्वच का कारन बन सकते है . पेरो के रूखी त्वचा मैं दरारों पड  सकती है,इससे खुजली हो सकती है। क्यूंकि त्वचा मैं मौजूद तंत्रीकाये जलन के प्रति प्रत...

सिस्ट क्यों होता है ?सिस्ट कैसे होता है ? लक्ष्यण कारण और उपचार क्या है ?

 सिस्ट क्यों होता है ?सिस्ट कैसे होता है ? लक्ष्यण  कारण और  उपचार क्या हैं?  सिस्ट क्या होता है ? सिस्ट एक बंद कैप्सूल या थैली   जैसी संरचना होती ही,जो आम तर पर तरल ,अर्ध ठोस या गैसीय पदार्थ से भरी होती है .  सिस्ट आम तर पर सरीर के लग भग किसी भी प्रकार कम ऊतक मैं पाए जाते है , इनका आकर सुखम  से लेकर इतना बड़ा हो सकता है की ये आतंरिक अंगो को बिस्तापित कर सकते है। हलकी सिस्ट सरीर के किसी भी सामान्य थैली जैसी संरचना को भी संदर्भित कर सकते है,लेकिम इस लेख मैं हम ऊपर दी गयी परीभासा का उपयोग करेंगे पर इसे एक असामान्य संरचना मानेगें  ।  ईसिलिए निचे  बताई गयी सिस्ट सरीर के सामान्य अंग नहीं है। इन मैं अलग झिल्ली या सिस्ट के  दीबारे होती है यदि थैली मबाद से भरी हो ,तो इसे आमतर पर फोड़ा मानाजाता है यह सिस्ट नहीं है .  सिस्ट कितने प्रकार के होते  है ?  सिस्ट कई प्रकार के होते है। सिस्ट सरीर मैं लगभग कही भी हो सकते है . (उदाहरण  के लिए ,चेहेरे या सर की त्वचा पर ) सिस्ट पीठ पर ,घुटने के पीछे सिस्ट , बाहो  मैं सिस्ट...

बरसात के मौसम मैं पेरो के उँगलियों के बिच कट जाता है क्यों? घाव और सडन हो जाता है क्यों ?

बरसात के मौसम मैं  पेरो के उँगलियों के बिच  कट जाता है क्यों? घाव और सडन हो जाता है क्यों ?   पेरो के उँगलियाँ बरसात के पानी से सड़ने लगती है और उँगलियों मैं फंगस पड़ने लगती है . इस सडन को दूर करने मैं कुछ तरीके असरदार शाबित हो सकते है .   मनसून के मौसम मैं हबा मैं हुमिडीटी  होती है और हर तरफ कीचड़ और गन्दगी भर जाती है . जो अलग अलग तरह के स्किन इन्फेक्शन का कारण  बनती है . बरसातों मैं खास तर से पेरो के उँगलियों के बिच फंगल  इन्फेक्शन हो जाता है जिस मैं  उँगलियों मैं सडन की दिक्कत होने लगती है .दाने  या फुंसी निकल जाती है ,नाखुनो के अंदर सडन बढ़ती है और कभी - कभी पपड़ी सी भी जम ने लगती है ऐसे मैं बरसातों मैं खास तर से पेरो की सही देख रेख करने की जरुरत होती है। यहां जानिए बो कोन  से तरीके है जिनसे इस इन्फेक्शन को दूर रखा जा सकता है .  पेरो की इन्फेक्शन को कैसे दूर करे   1 . पेरो को गर्म पानी मैं डाल कर सिकाई करे . इस पानी मैं सेम्पु डाले और 15 से 20 मिनट पैर डुबोए रखने के बाद  साफ़ करे,कम से काम हफ्ते मैं एक बार ऐसा करने से पेर इन...

अपेंडिक्स क्यों होता है ?और इसका लक्ष्यण क्या है ?

 अपेंडिक्स क्यों होता है ?और इसका लक्ष्यण क्या है ?  अपेंडीसाइटिस,अपेंडिक्स की सूजन है. अपेंडिक्स एक ऊँगली के आकर की थैली होती है जो पेट की निचले दाहिने हिस्से मैं,जिसे एब्डोमेन भी कहा जाता है ,कोलोन से बहार निकली होती है .  अपेंडीसाइटिस के कारन पेट की निचले दाहिने हिस्से मैं दर्द होता है . हलकी ज़्यादातर लोगो मैं दर्द नावी के आस  पास से सुरु होता है और फिर आगे बढ़ता है . सूजन आगे बढ़ने के साथ-साथ अपेंडीसाइटिस का दर्द आम तर पर बढ़ता जाता है और अत्यंत गंभीर हो जाता है .  बेसे तो किसी को भी अपेंडी साइटिस हो सकता है,लेकिन यहा ज़्यादातर 10 से 30 बार्स के आयु के लोगो मैं होता है अपेंडीसाइटिस का इलाज आमतर पर एंटी बायोटिक्स से किया जाता है और ज्यादातर मामलो मैं अपेंडिक्स को हटाने के लिए सर्जरी की जाती है .  इसके लक्ष्यन क्या है ?  अपेंडिक्स के लक्ष्यणो मैं निम्नलिखित शामिल हो सकते है .   1 . पेट के निचले हिस्से की दाहिने और अचानक दर्द होना ।  2 . नाभि के आस पास से सुरु होने बाला अचानक दर्द जो अक्सर  पेट की निचले दाहिने हिस्से मैं चला जाता है ....

सांस फूलना क्या है ? सांस क्यों फूलता है ?

सांस फूलना क्या है ? सांस क्यों फूलता है ?   सांस लेना जीबन को बनाये रखनी बालि मुलभुत क्रिय है ,हमारे अस्तित्व के लिए इतनी अन्तर्निहित प्रक्रिया है की इसका  महत्व अक्सर ओन देखा हो जाता है ,जब तक की यह समझौता न हो जाये ,डिस्पेनिया या सांस की तकलीफ,हमारे जीबन मैं सांस लेने की महत्वपूर्ण भूमिका की एक स्पस्ट याद दिलाती है,इस लेख मैं हम डिस्पेनिआ  की  जटीलताओं का पता  लगते है,इसके बिबिध अभीब्यक्तियों ,कारणों  ट्रिगर्स और राहत के लिए राणनीतियों को कबर करते है। आईये बिकार  सुरु करके सुरु करे .  सांस फूलना क्या है ?  डिस्पेनिआ  जिसे आम तर पर सांस की तकलीफ के रूप मैं जना जाता है , साँस लेने मैं तकलीफ या कठीनाई के एक ब्यक्तिपरक अनुभूति है . सांस फूलने हबा की कमी या अपर्याप्त बायु प्रबाहा की अनुभूति की बिसेसता बाले डिस्पेनिआ  स्वसन या हृदय प्रणाली को प्रभाबित करने बाली कई अन्तर्निहित स्तितियों , अनिमिआ , कम ( हिमो ग्लोबिन )के साथ  साथ शारीरिक परिश्रम चिंता डी  कंडीसनिंग (कम सहन शक्ति ) या परयाबरनिय प्रभाबो जैसे कारको के परिणाम स्वरु...