सिस्ट क्यों होता है ?सिस्ट कैसे होता है ? लक्ष्यण कारण और उपचार क्या है ?
सिस्ट क्यों होता है ?सिस्ट कैसे होता है ? लक्ष्यण कारण और उपचार क्या हैं?
सिस्ट क्या होता है ?
सिस्ट एक बंद कैप्सूल या थैली जैसी संरचना होती ही,जो आम तर पर तरल ,अर्ध ठोस या गैसीय पदार्थ से भरी होती है .
सिस्ट आम तर पर सरीर के लग भग किसी भी प्रकार कम ऊतक मैं पाए जाते है , इनका आकर सुखम से लेकर इतना बड़ा हो सकता है की ये आतंरिक अंगो को बिस्तापित कर सकते है। हलकी सिस्ट सरीर के किसी भी सामान्य थैली जैसी संरचना को भी संदर्भित कर सकते है,लेकिम इस लेख मैं हम ऊपर दी गयी परीभासा का उपयोग करेंगे पर इसे एक असामान्य संरचना मानेगें ।
ईसिलिए निचे बताई गयी सिस्ट सरीर के सामान्य अंग नहीं है। इन मैं अलग झिल्ली या सिस्ट के दीबारे होती है यदि थैली मबाद से भरी हो ,तो इसे आमतर पर फोड़ा मानाजाता है यह सिस्ट नहीं है .
सिस्ट कितने प्रकार के होते है ?
सिस्ट कई प्रकार के होते है। सिस्ट सरीर मैं लगभग कही भी हो सकते है . (उदाहरण के लिए ,चेहेरे या सर की त्वचा पर ) सिस्ट पीठ पर ,घुटने के पीछे सिस्ट , बाहो मैं सिस्ट , कमर मैं सिस्ट और लिवर , अंडा सय , गुर्दे , या मस्तिक जेसे अंगो के अंदर सिस्ट । अधिकांश सिस्ट सौम्य होते है . लेकिन कुछ मैं कैंसर हो सकते है . कोसीकाए।
सरीर मैं पाए जाने बाले कुछ सिस्ट के प्रकारो की सूचि निचे दी गयी है .
1 . एपीडर्माइड (सेबेसियस सिस्ट ) -आम तर पर त्वचा मैं होने बालि समय सूजन जो शेबेसियस ग्रंथि मैं उत्पर्ण होती है और आम तरपर पिले रंग की सीबम से भरी होती है . ये आम तर पर आसानी से दिखाई देती है क्यूंकि इनके कारण त्वचा मैं सूजन आ जाती है . यदि ये काफी बड़ी हो जाती है ,तो ये भद्दी लग सकती है और दर्द का कारन बन सकती है .
2 .स्तन सिस्ट - स्तन के अंदर तरल पदर्थ से भरी थैली । स्तन सिस्ट की हमेशा जांच करनी चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके की बे सौम्य सिस्ट है न की घातक कैंसर
3. गैंगलियन सिस्ट या साइनोबियल सिस्ट - एक गैर कैंसर युक्त नरम ऊतक का संग्रह जो किसि भी जोड़ मैं हो सकता है .
4 . डर्माइड सिस्ट - एपीडर्मिस्ट युक्त एक असामान्य बृद्धि बाल रोम और बसामय ग्रंथिया ,अबसिस्ट भ्रूण कोसी काओं से उतपर्ण होती है .
5 . डिम्बग्रंथि पुटी - अंडासय के भीतर या उसकी सतह पर तरल पदार्थ जमाब , इसे एडनक्सल सिस्ट भी कहा जाता है .
6 . पीसीओएएस -(पोलिसिस्टिक ओवेरी सिंड्रोम ) अंत स्राबी समस्या के कारन अंडासय का आकर बढ़ जाना जिसमे कई द्रब से भरी पुतलियाँ (कूप ) होती है .
7 . बेकर सिस्ट - घुटने के पीछे सीट झिल्लीदार साइनोबियल बरसा की एक सौम्य सूजन , इसे पापलिटियल सिस्ट के नाम से भी जाना जाता है
8 . बारथोलिन सिस्ट - यह तब बनता है जब बर्थोनिल ग्रंथि , (योनि के मुख पर स्तित ) अबरुद्ध हो जाती है . बारथोलिन सिस्ट बहुत दर्दनाक हो सकता है .
9 . अराकक्नॉइड सिस्ट - मस्तिक की सतह के बिच कपाल के आधार पर या अराकक्नॉइड झिल्ली पर बिकसित होने बाला सेरेबोस्प्रेइनल द्रब का एक संग्रह जो अराक्नॉइड ंकोसिकाओं और कोलेजन से ढका होता है .
10 . एपीडिडायमल सिस्ट - एपिडिडायमिस के सर (ब्रुसन के चारो और ) मैं स्तित बाह्य ब्रुसणीय गोलाकार सिस्ट
11 . लेबीयायी सिस्ट - लेबिया मैं मौजूद कोई भी द्रब से भरी सिस्ट ।
12 . सेबेसियस सिस्ट - एक छोटी , गैर कैंसरयुक्त गाँठ जो आम तर पर धड़ , गर्दन और चेहरे पर दिखाई देती है.
13. पाइलोनीडल सिस्ट - नितम्बो की बिच की दरार के पास या उस पर बालो और त्वचा के अबसेसो से भरी हुई एक सिस्ट , इसे जिब ड्राईवर के नाम से भी जाना जाता है .
14. नेबोथियन सिस्ट-जिसे गैग्लियन सिस्ट भी कहा जाता है ,एक नरम ऊतक की गांठ होती है जो किसी भी जोड़ मैं हो सकती है .
15 . ब्रेकरियल क्लेफ्ट सिस्ट - एपिथैलीयन कोसिकाओं से बना एक सिस्ट जो जन्मजात रूप से दूसरे ब्रेनक्रियल क्लेफ्ट के बंद न होने के कारन गर्दन के पर्स भाग पर उतपर्ण होती है .
16 . कोरोइड फ्लेक्ससिस्ट - स्पंजी मस्तिक कोशिकाओं द्वारा फसे हुए सेरेबोस्पाइनल द्रब से बने छोटे सिस्ट ।
17 . हाईडेटिड सिस्ट - एक अंग मैं उपकला कोसिकाओं से घिरा हुआ इचिनो कोकस एसपिपि टेप बर्म (लारबा अबस्ता )
18 . कार्पल लिउटियम सिस्ट - एक प्रकार की डिम्बग्रंथि सिस्ट जो अंडाणु के कूप से निकल ने के बाद भी बनी रह सकती है .
19 . कोलाइड सिस्ट - मस्तिक मैं ,जिलोटीन्स पदार्थ से भरी हुई एक सिस्ट ।
20. स्प्लेंम पुटी - एक पतली थैली जिस मैं साफ तरल पदार्थ भरा होता है ,जो होठो, मुह और कभी कभी सरीर के अन्य हिस्सों मैं भी पायी जा सकती है .
21 . अग्नाशयी सिस्ट - अग्नाशय के भीतर तरल पदार्थ से भरी थैलीनुमा संरचनाये। तकनिकी रूप से , ये सिस्ट नहीं है क्यूंकि इनके ऊपर एक नीसान या सूजन बाले ऊतक की परत होती है ,और इसलिए इन्हे आम तर पर सुडो सिस्ट कहा जाता है .
२२ . ब्रुसण पुटी -ब्रुसण मैं तरल पदार्थ से भरी पुटी ।
२३ . थायरोइड सिस्ट - थायरोइड नूडल्स भी कहा जाता है,ये तरल पदार्थ से भरे हो सकते है या उन मैं कुछ ठोस घटक हो सकते है . अधिक तर समय होते है ,लेकिन कुछ मैं घातक घटक हो सकते है .
24 . यकृत या यकृत सम्बन्धी सिस्ट - पतली दीवारो बालि सिस्ट जिन मैं तरल पदार्थ भरा होता है इस मैं से अधिकांश हानि रहित होती है
25 . गुर्दे या रीनल सिस्ट - गुर्दे के भीतर स्तित द्रब से भरे हुए चारो और से दीवारों से घिरे खेत्र। कुछ जन्म जात होते है (पोलिसिस्टिक रोग )
26 . साइनस सिस्ट - असामान्य ऊतक बृद्धि , आम तर पर मेखलिसलारी साइनस मैं होती है ,जो तरल हबा या अर्ध ठोस पदार्थ से भरी होती है .
२७ . कोरोइड प्लेक्सस सिस्ट - ये छोटे ,चपटे उभार होते है जो मस्तिक मैं कोरोइड प्लेक्सस के बिकास के दौरान बनते है , इन मैं सेरेबो स्पाइनल द्रब होता है .
28 . कमर की सैनोबियल सिस्ट - रीड की हड्डी के निचले हिस्से मैं स्तित एक सिस्ट जो स्पायिनल स्टेनोसीस के लक्ष्यन पैदा कर सकती है .
29 . पिलर सिस्ट -बालो के रोम से बनने बाली एक समांन्य सिस्ट
30 . टार्लब सिस्ट - रीड के हड्डी के आधार पर बनने बाली द्रब से भरी थैली , (जिसे मेनीजियल सिस्ट भी कहा जाता है )
31 . एन कोईक सिस्ट - कोई भी सिस्ट जो अल्ट्रा साउंड द्वारा उत्पर्ण ध्वनि तरंग को अबसोसित करती है .
32 . पेरिऑनल या पिलोनाइडल सिस्ट - टेलबोन के पास स्तित एक सिस्ट जिस मैं आम तर पर त्वचा के टुकड़े होते है .
33 . रक्तश्राबी पुटी - एक ऐसी पुटी जिस मैं रक्त भरा हो या जिसे आतंरिक रक्त स्राब हो रहा है .
34 . अराक्नॉइड सिस्ट -मस्तिक और अराक्नॉइड झिल्ली के बिच बिकसित होने बाली एक सिस्ट जिस मैं सेरेब्रोस्पाइनल द्रब होता है .
35 . मेकलीसलरी सिस्ट - मेकलीसलरी साइनस खेत्र मैं स्तित सिस्ट ।
36 . नेत्रस्प्लेसम्ला सिस्ट - कंजिकटीबा पर या उसके निचे तरल पदार्थ से भरी हुई सिस्ट आँखों का
37 . पेरीकार्डियल सिस्ट - मेडियल मीडियासिस्टनम मैं पायी जाने बाली एक असामन्य सौम्य जन्मजात बिकृती जिसमैं साफ तरल पदार्थ होता है।
Comments
Post a Comment