पेरो मैं खुजली क्यों होता है ? और खुजली होने के निम्न लिखित कारण क्या है ?
पेरो मैं खुजली क्यों होता है ? और खुजली होने के निम्न लिखित कारण क्या है ?
त्वचा पर खुजली होने पर उसे खुजलाना एक सामान्य और स्वभाबिक प्रतिक्रिया है . यह आपके सरीर का आपको यह बताने का तरीका है की आपको कोई चीज़ परेशान कर रही है.
खुजली के लिए चिकिसकिय सब्द प्रूरिटस है. हलकी प्रूरिटस एक सामान्य लक्ष्यन है जो सरीर के किसी भी हिस्सों मैं हो सकता है . लेकिन पैर बिसेस रूप से खुजली के प्रति सम्बेदनसील हो सकते है .
त्वचा मैं खुजली होना आम तर पर कोई बड़ी बात नहीं है , लेकिन कभी - कभी यह किसी गंभीर समस्या का लक्ष्यन हो सकता है . पेरो मैं खुजली के सम्भाबित कारने और कुछ उपायों के बारे मैं अधिक जानने के लिए आगे बढे .
पेरो मैं खुजली के नो सम्भाबित कारन
सुस्क त्वचा - रूखी त्वचा एक आम समस्या है. लम्बे समय तक गर्म पानी से नहाना,कठोर साबुन का इस्तेमाल,कुछ त्वचा सम्बन्धी समस्याएं और अनूपयुक्त जूते रूखी त्वच का कारन बन सकते है . पेरो के रूखी त्वचा मैं दरारों पड सकती है,इससे खुजली हो सकती है। क्यूंकि त्वचा मैं मौजूद तंत्रीकाये जलन के प्रति प्रतिक्रिया करती है .
त्वचा की स्तिति - बैनर हेल्थ के पोडिया ट्रिस्ट ऑस्टिन मैथूस , डीपीएम ने कहा एक्सिमा या सोरायसिस जैसे त्वचा की समस्याए लाल , पपड़ी दार और सूजन बाले धब्बो के रूप मैं दिखाई दे सकती है जो अक्सर खुजली दार होते है .
संक्रमणों - एथलीट फ़ूट और सल्लूलाइटिस दोनों के कारन पेरो मैं खुजली हो सकती है .
डॉक्टर मैथूस ने कहा अगर पैर गीले रहते है ,तो इसे एथलीट फ़ूट जैसे फंगल संक्रमण हो सकते है . इस संक्रमण को पैदा करने बाले फंगस गर्म और नरम बाताबरण मैं पनपते है ,जैसे पसीने से भीगे जुते ,सार्बजनिक स्विमिंग पूल और लाकर रोम के फर्स। जब ये फंगस पेरो की त्वच को संक्रमित करते है ,तो इससे पेरो पर लाल।,खुजली दार दाने हो सकते है .
सैलुलाइटिस एक जिबाणु संक्रमण है जो अक्सर स्ट्रेटोकोकास जिबाणुओं के कारण होते है। जब ये जिबाणु त्वचा मैं , दरारों या घाबो के माध्यम से प्रबेस करते है ,तो बे लालिमा , सूजन और खुजली पैदा कर सकते है .
गर्भबस्ता - कुछ गर्भबती महिलाओं को प्रुरिटिस ग्रोबीडेरम (पेरो , हाथो , और पेट मैं खुजली )हो सकती है. कुछ गर्भबती महिलाओं को खुजली दार , परेशांन करने बलि दाने भी हो सकते है जिन्हे गर्भबस्ता के प्रुरिटीक पीपुल्स और प्लेक्स (PUPP या PUPPP )के नाम से जाना जाता है .
एलेर्जी सम्बन्धी त्वचा रोग - डॉक्टर मैथूस ने कहा ,जहरीली आईबी ,साबुन कपडे धोने के डिटरर्जेंट या कठोर रसायानो जैसे जलन पैदा करने बाले पदार्थो के संपर्क मैं आने से आपको कॉन्टेक्ट डर्मेटाइटिस हो सकता है ,जो त्वचा के उन हिस्सों पर खुजलीदार दानो का एक रेश है जहाँ त्वचा किसी एलेर्जेन के संपर्क मैं आईथी ।
तंत्रिका सम्बन्धी समशये - पेरिफेरल न्युरोपेथी ,एक ऐसी स्तिति जो अक्सर मधुमेह और अन्य तंत्रिकाएं बिकारो के कारन होती है ,रात मैं पेरो या हाथो मैं खुजली की अनुभूति को बढ़ा सकती है .
ठन्डे तापमान के प्रति प्रतिक्रिया - चिलब्लेंस पैर की उँगलियों और हाथो की उँगलियों पर उभर ने बाले छोटे खुजलीदार , लाल धब्बे , या गांठे होते है . ये तब हो सकते है जब आपकी त्वचा ठन्डे मौसम और नमी बाली स्तितियों के संपर्क मैं आती है .
दबाएं - कुछ दर्द निबराक दबाएं (जैसे ओपीओइडी या नशीली दबाये ) और उच्छ रक्त चाप और कोलेस्ट्रॉल की दबाये जैसे एसीइ अबरोधक और स्टेटिन ) सरीर और पेरो मैं खुजली का कारन बन सकती है .
गुर्दे और यकृत रोग - लिवर और किडनी की बीमारी से पेरो मैं खुजली हो सकती है. इन स्तितियों के कारन पेरो की त्वचा रूखी ,पपड़ीदार या फटी हुई हो सकती है . इनके अलाबा , हाथो और हथेलियों मैं भी खुजली हो सकती है .
पेरो मैं खुजली के लिए सर्बोतम उपचार - खुजली करना एक स्वभाबिक प्रति क्रिया है। हालाकि इसे अस्थाई राहत मिल सकती है . लेकिन यह कोई दीर्घ कालिक समाधान नहीं है . बहुत ज़्यादा खुजली करने से बास्तब मैं कुछ स्तितिया और बिगड़ सकती है और अन्य समस्या ये और संक्रमण हो सकते है .
अगर आप अपनी त्वचा की जलन को कम करना चाहते है ,तो यहां कुछ घरेलु उपाय दिए गए है जो आपकी मदत कर सकते है .
१ . अपने पेरो को सूखा रखे - डॉक्टर मैथूस ने कहा ,जिन लोगो के पेरो मैं बहुत पसीना आता है उन्हे एथलीट फ़ूट या त्वचा मैं जलन जैसी फंगल इन्फेक्शन होने का खतरा अधिक होता है . पैर गीले होने के बाद उन्हे अच्छी तरह सुखाये , उँगलियों के बिच का हिस्सा भी साफ़ करे . एथलीट फुट होने के खतरे को काम करने के लिए जरुरत के अनुसार मोज़े और जुते बदलते रहे। सूती जैसी प्राकृतिक ,हबादार कपड़ो से बने मोज़े पहने ।
२ . अपने पेरो को प्रतिदिन साफ करे - पेरो से गन्दगी , पसीना और अन्य सम्भाबित जलन पैदा करने बाले त्वचा को हटाने के लिए उन्हें हलके साबुन और पानी से धोये ।
३ . त्वचा को नमी युक्त रखे - यदि आपके पैर रूखी है तो त्वचा को हाईड्रेटेड रखने और खुजली कम करने के लिए अलकोहल मुक्त लोसन या मइस्चाराइजर लगाए ,हलाकि डॉक्टर मेंथूस पैर के उँगलियों के बिच मोइसचो राइजर लगाने से मन करते है . उन्होंने कहा पैर के उंगलियो के बिच लोसन लगाने से बे बहुत नम हो जाती है . जिसे त्वचा ख़राब हो सकती है और फंगल और बैकटेरियल संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है .
४ . अपने पेरो को भिगोये - बेकिंग सोडा या ओटमिल ठन्डे पानी मैं पैर रखने से खुजली को शांत करने में मदत मिल सकती है .
यदि आपको निम्न लिखित मैं से कोई भी लक्ष्यन महसूस हो तो अपने स्वास्त्य सेबा प्रदाता से संपर्क करे -
घरेलु उपचार के बाद भी यदि आपकी खुजली बनी रहती है और त्वचा लाल या चीडचिडी दिखाई देती है , तो इसका मतलब यह हो सकता है की आपको कोई संक्रमण या बीमारी का संक्रमण हुआ है जिसके लिए चिकिसकिय उपचार की आबश्यकता है .
आपकी त्वचा देखने मैं तो सामान्य लग रही है ,लेकिन घरेलु उपचारो के बाद भी खुजली बनी हुई है. इसका मतलब यह हो सकता है की समस्या आपके त्वचा से सम्बंधित नहीं है ,बल्कि किसि अन्य बीमारी ,जिसे की तंत्रिका रोग से सम्बंधित हो सकती है .
डॉक्टर मैथूस ने कहा खुजली कोई बिसिस्ट लक्ष्यन नहीं है और इसके कोई कारन हो सकते है। कभी कभी यह गंभीर समस्या पैदा कर सकती है इसलिए यदि इसका कोई पास्ट कारन न हो तो किसी बीसेसज्ञ से अपने पेरो की जांच करबाना बेहतर होगा ।
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