OCD बीमारी क्या है ?

 OCD बीमारी क्या है ? 

मरीजों का अपने बिचारो पर काबू नहीं होता,इलाज मैं परिबार का सपोर्ट जरुरी , ट्रम्प और माईकल जैकों भी इसके शिकार हुए थे . 

एक्सपर्ट के मुताबिक ,OCD का खुद ही इलाज करना मुश्किल होता है , डॉक्टर की सलाह लेना अच्छा तरीका । 

OCD इंसान की नार्मल लाइफ पर काफी असर डालती है प्रोडक्टिविटी और रिस्तो को प्रभाबित करती  है . 

महामारी की सुरुवात के साथ ही हेल्थ एजेंसी  और सरकार संक्रमण से बचने के लिए लोगो को हाथ धोने और सफाई रखने की सलाह दे रही है. अब बे लोग भी किसी भी  चीज छूने या किसी से मिलने के तुरंत बाद हैंड वाश खोजने लगे है . जो पहले सिर्फ खाने की समय हाथ धोते थे. 

यह कोरोना के समय मैं नार्मल है . क्यूंकि वैक्सीन नहीं आने तक आप ऐसा कर खुद को काफी हद तक बचा सकते है . लेकिन , कुछ लोग ऐसे भी है जिनके लिए बार बार हाथ धोना या सफाई बनाये रखने के लिए एक ही चीज को कई बार दोहराना नया नहीं है. ये लोग ऑब्सेसिव काम्पलसीव डिसअर्डर (OCD) की बजह से बार बार हाथ धोते है. 

क्या है ऑब्सेसिव कमपलसीव डिसआर्डर ?

OCD बीमारी मैं दो कॉम्पोनेन्ट होते है। ओबसेशन सनक और कमपलसन मज़बूरी। ओबसेशन मैं कई सोच कई आईडिया होता है जो इंसान के मन मै बार बार आता है . इसपर कण्ट्रोल नहीं होता। कई बार ओबसेशन होता है ब्यबहार मैं कपलसन भी आ जाता है . जैसे हाथ धोने या क्लीनिंग जैसे कामो से मरीज मैं की घबराहट को कंट्रोल  करने की कोसिस करते है . 

OCD बायो लॉजिकल और न्यूरो ट्रांसमिटर्स का बैलेंस बिगड़ने की बजह से होता है . इसके इलाज मैं दबाइयों और साइकोथेरेपी का बड़ा रोल होता है . थेरेपी मैं CBT के तरीके काफी इस्तेमाल किये जाते है . 

ओबसेशन और कमपलसन  का मतलब जानिए -

इंटरनेशनल OCD  फाउंडेशन के मुताबिक ,ऑब्सेशन ऐसे बिचार , इमेज  होते है जो ब्यक्ति को बार - बार नजर आते है . बे इसपर अपना नियंत्रण नहीं रख पाते है . OCD से जूझ रहे लोग इन बिचारो को लाना नहीं चाहते और उनके लिए यह काफी परेशांन  करने बाले होते है . कई मामलो मैं लोग जानते है की इन बिचारो का कोई मतलब नहीं है . आमतर पर ऑब्सेशन गंभीर और असहज करने बाली अहसास जैसे -डर संदेह या अशान्तोस के साथ होता है। 

OCD के दौरान नजर आने बाले कुछ आम ओबसेशन 

गन्दगी - इसमें ब्यक्ति HIV जैसी बिमारियों से डरता है या उसे ENVIROMENT   को ख़राब करने बाली चीजे , जैसे रेडिएशन और घर मैं मौजूद केमिकल्स और धूल को लेकर चिंता बनी रहती है . 

नियंत्रण खोना -खुद को या किसी दूसरे ब्यक्ति को चोट पहुंचना चोरी और हिंसा का डर जैसी चीजे शामिल होती है . 

नुक्सान -ब्यक्ति को डर बना रहता है की बो चोरी या आगजनि जैसी किसि गंभीर घटना का जिम्मेदार है उसकी लापरबाहि के कारण किसी और को नुक्सान पहुंचता है. 

परफेक्शन से जुड़े ओबसेशन -किसी भी चीज को पूरी या सही तरीके से करने की चिंता या कुछ याद रखने की चिंता रहती है . किसी भी चीज को फेकते बक्त जरुरी जानकारी के बारे मैं भूल जाने का डर  रहता है . चीजों को फेकने या रखने को लेकर फैसला नहीं कर पाते है या किसी भी चीज को खोने का डर  . 

दूसरे ओबसेशन -किसी भी गंभीर बीमारी के चपेट  मैं  आने का डर बना  रहता है . इसके अलाबा लकी या ऑन लौकी नंबर और रंगो को लेकर अँध बिस्वास बाले आईडिया आते है . 


कमपलसन - ये कुछ ऐसे ब्यबहार होते है जहाँ ब्यक्ति अपने ऑब्सेशन को ख़त्म करने की प्रयाश करता है . OCD से जूझ रहे लोगो को यह पता होता है की यह केबल अस्थाई उपाय है ,लेकिन इससे बचने का सही तरीका खोजने के बजाय बे कपलसन पर निर्भर करते है . 

OCD के दौरान नजर आने बाले कुछ आम कमपलसन 

धुलाई  और सफाई - इस मैं एक ही तरीके से बार बार हातो  को धोना , हद से ज़्यादा देर तक नहाना ,दांत साफ़ करना या सफाई से जुडी चीजों को करते रहना शामिल है . 

चेकिंग - यह जानने के लिए आप खुद या किसी और को नुक्सान तो नहीं पहुंचा रहे . बार बार किसी चीज की जांच करना। यह पता करते रहना की कुछ बुरा  तो नहीं हुआ या आपसे कोई गलती तो नहीं हुई। सरीर के कुछ  हिस्स्सो को बार बार चेक करना । 

दोहराना - बार बार किसी चीज को पढ़ना लिखना या किसी भी बॉडी मूवमेंट  को दोहराते रहना । 

OCD के क्या सिम्प्टम होते है ? 

किसी भी चीज को बार बार दोहराना ,मूड  पर असर पड़ना पप्रोडक्टिविटी कम होना अगर किसी भी इंसान को मेन्टल हेल्थ  बीमारी है तो बह काफी तनाब मैं नजर आएंगे। OCD से जूझ रहे ब्यक्ति को डॉक्टर की मदत लेनी चाहिए । 

OCD से कैसे उभर सकते है ? 

१ . अगर आपको लक्ष्यन नजर आ रहे है तो ,सबसे पहले हेल्थ को मॉनिटर करे साइकेट्रिस्ट या थेरेपिस्ट जैसे एक्सपर्ट की सलाह ले। क्यूंकि आपके बिचार और ब्यबहार को जानने के तरीके सिखने की जरुरत है . यही  तारीके आपको एक्सपर्ट बना  सकते है ,क्यूंकि बे आपके स्तिति को देखकर उपाय तैयार करेंगे ,ताकि आप असहज ना हो। 

२ . अगर आप अपनी स्तर पर इस  बिमारी पर  काम करना चाहते है तो ऐसी छोटी सोच जो आपको तकलीफ न दे ,उन्हे नजर अंदाज करे ब्यबहार मैं बदलाब लाने  पर चिंता कम करे . बार बार आ रहे बिचारो से बचने की कोसिस करे और खुद को टेस्ट करे की क्या आप ऐसा कर पा रहे है  या नहीं , धीरे धीरे इसका स्तर बढ़ाये । 

३ . इसे खुद ट्रीट करना मुश्किल होता है ,क्यूंकि यह एक बीमारी है और यह डर ,भय , और घबराहट की बजह बनती है . ऐसे मैं एक्सपर्ट से बात करना जरुरी है . लक्ष्यन नजर आ रहे है तो परिबार या दोस्तों से इसके बारे में बात करे इस मैं फेमिली सपोर्ट बहुत जरुरी होता है . 

कोविड  19  और OCD 

कोरोना वायरस के कारन हो सकता है की कोई लोगो के OCD लक्ष्यन प्रभाबित हुए है। किसी भी तरह का तनाब बीमारी के असर को बढ़ता है . अगर आप इसकी तुलन कोविड  19  के दौरान सफाई से करेंगे तो यह अलग है . क्यूंकि हमारे दिमाग मैं यह बात बार बार नहीं चलती। इसके कारण हमारी लाइफ ,रिलेशन पर असर नहीं पड़ता है। यह सबसे बड़ा फर्क है। आईओसीडीएफ के इन टिप्स को फलो कर सकते है . 

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